NASA ने लॉन्च किया Athena सुपरकंप्यूटर, Artemis II मिशन की डिजिटल बैकबोन बनेगा
Athena को NASA के Modular Supercomputing Facility में स्थित Ames Research Center, California के Silicon Valley में स्थापित किया गया है। इसकी पीक परफॉर्मेंस 20 पेटाफ्लॉप्स से ऊपर है, यानी यह हर सेकंड में करोड़ों‑अरबों गणनाएं कर सकता है, जो पुराने सिस्टम Aitken और Pleiades की तुलना में न सिर्फ़ ज़्यादा तेज़ है, बल्कि बिजली के उपयोग में भी ज़्यादा एफिशिएंट माना जा रहा है। इससे NASA की सुपरकंप्यूटिंग यूटिलिटी लागत कम होने की उम्मीद है, जबकि परफॉर्मेंस और डेटा‑प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ रही है।
हार्डवेयर की बात करें तो Athena को Hewlett Packard Enterprise (HPE) द्वारा बनाया गया है, जिसमें HPE Cray EX4000 रैक्स का इस्तेमाल किया गया है। सिस्टम में 1,024 नोड्स हैं, जिनमें से हर एक पर दो‑दो 128‑core AMD EPYC Turin प्रोसेसर लगे हैं, जिससे कुल मिलाकर बहुत बड़ी पैरलल‑कंप्यूटिंग पावर मिलती है। इसके साथ लगभग 786 TB की सिस्टम मेमोरी भी दी गई है, जिससे बहुत बड़े और जटिल डेटासेट्स—जैसे रॉकेट सिम्युलेशन, वातावरण मॉडल या अंतरिक्ष टेलीस्कोप डेटा—को एक साथ प्रोसेस किया जा सकता है।
Athena ने अपनी ऑपरेशनल फुल स्टेटस जनवरी में प्राप्त की और अब NASA के अनुमोदित यूज़र्स—जिनमें एजेंसी के रिसर्चर्स, इंजीनियर्स और बाहरी वैज्ञानिक शामिल हैं—इसे अपने मिशन‑क्रिटिकल कामों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इस पर चलने वाले जॉब्स को Tri‑Lab Operating System Stack (TOSS) और प्रोफेशनल जॉब‑स्केड्यूलिंग सॉफ्टवेयर मैनेज करते हैं, जिससे साइंटिस्ट्स अपने सिम्युलेशन और एनालिसिस को अलग‑अलग तरीकों से शेड्यूल और ऑप्टिमाइज़ कर सकते हैं।
सबसे बड़ा फोकस Artemis II मिशन पर है, जो NASA का पहला मानव‑युक्त चंद्रमा‑ऑर्बिट मिशन है। Athena की कंप्यूटिंग पावर से इंजीनियर्स स्पेसशिप के परफॉर्मेंस, रॉकेट लॉन्च सिम्युलेशन, रेडिएशन एक्सपोज़र, और मिशन‑सेफ्टी एनालिसिस जैसे काम ज़्यादा डिटेल में कर सकते हैं। इससे पहले कई फिजिकल टेस्ट की ज़रूरत कम हो सकती है, क्योंकि कंप्यूटर मॉडल्स ज़्यादा सटीक और विस्तृत बन जाएंगे।
इसके अलावा, Athena का इस्तेमाल Earth साइंस, एस्ट्रोफिजिक्स और एरोनॉटिक्स जैसे क्षेत्रों में भी होगा। वैज्ञानिक इस पर जटिल वातावरण मॉडल, जलवायु पैटर्न, सौर तूफानों के प्रभाव और अंतरिक्ष‑आधारित ऑब्ज़र्वेशन डेटा को एनालाइज़ कर सकेंगे। साथ ही, यह बड़े‑पैमाने पर AI फाउंडेशनल मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए भी इस्तेमाल हो सकता है, जो उपग्रह डेटा से पैटर्न निकालकर नई साइंटिफिक इनसाइट्स दे सकते हैं।
NASA ने Athena के नाम का चयन एक इंटरनल कॉन्टेस्ट के ज़रिए किया था, जिसमें एजेंसी के High‑End Computing Capability वर्कफोर्स ने ग्रीक देवी Athena का नाम चुना। यह नाम उसकी बहन Artemis से जुड़ा है, जो चंद्रमा की देवी मानी जाती है, और साथ ही ज्ञान और रणनीति की देवी के रूप में भी प्रसिद्ध है। यह नामकरण NASA के लिए एक संकेत है कि यह सुपरकंप्यूटर न सिर्फ़ तकनीकी रूप से शक्तिशाली है, बल्कि अंतरिक्ष अनुसंधान की रणनीतिक योजना बनाने में भी मददगार होगा।
Athena के साथ NASA ने अपने High‑End Computing Capability पोर्टफोलियो को हाइब्रिड मॉडल की तरफ भी बढ़ाया है, जहां इस फिजिकल सुपरकंप्यूटर के साथ कमर्शियल क्लाउड प्लेटफॉर्म्स को भी जोड़ा गया है। इससे रिसर्च टीम्स को यह विकल्प मिलता है कि वे जटिल सिम्युलेशन के लिए Athena और हल्के या फ्लेक्सिबल कामों के लिए क्लाउड का इस्तेमाल कर सकें। इस तरह NASA न केवल अपने भविष्य के चंद्रमा और मंगल मिशन्स को डिजिटल ताकत दे रहा है, बल्कि वैश्विक साइंस कम्युनिटी के लिए भी एक नया रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहा है।
स्रोत: NASA, Mashable India