Google Photos की Photo to Video फीचर में अब मिलेंगे Custom Prompts और Built‑in Audio
पहले Photo to Video टूल काफी सिंपल था, जिसमें सिर्फ़ “Subtle movement” और “I’m feeling lucky” जैसे प्रीसेट ऑप्शन मिलते थे। इनके ज़रिए फोटो में हल्की‑फुल्की मूवमेंट या रैंडम एनिमेशन जोड़ा जा सकता था, लेकिन यूज़र के पास खुद से डिटेल देने का विकल्प नहीं था। नए अपडेट के बाद यूज़र अपनी भाषा में टाइप करके बता सकते हैं कि वीडियो में क्या होना चाहिए—जैसे धीमा कैमरा पैन, ब्लर इफेक्ट, या कोई खास एनिमेशन स्टाइल। इस फीचर का कॉन्सेप्ट Google के Gemini ऐप में मौजूद प्रॉम्प्ट‑बेस्ड टूल्स से मिलता‑जुलता है।
इंटरफ़ेस में अब Prompt Suggestions भी दिए जा रहे हैं, जो यूज़र को तुरंत वीडियो आइडिया देने में मदद करते हैं। ये सजेशन्स एडिट किए जा सकते हैं और यूज़र चाहें तो अपनी भाषा में फ्रेज़ बदलकर रिज़ल्ट को और भी फाइन‑ट्यून कर सकते हैं। ऐसे में कोई भी फोटो—चाहे वो रिसेंट फैमिली फोटो हो या पुरानी ब्लैक‑एंड‑व्हाइट पिक्चर—को अलग‑अलग मूड और स्टाइल में एनिमेट किया जा सकता है।
एक और बड़ा बदलाव यह है कि अब Photo to Video से बनने वाले वीडियो में ऑडियो भी डिफॉल्ट रूप से जोड़ा जा सकता है। यानी अब सिर्फ़ मूवमेंट ही नहीं, बल्कि बैकग्राउंड म्यूज़िक या एम्बिएंट साउंड भी ऑटोमैटिक तरीके से ऐड हो सकता है, जिससे वीडियो तुरंत शेयर करने लायक बन जाता है। यह ऑडियो फीचर Google के नए Veo 3 वीडियो‑जनरेशन मॉडल से जुड़ा हुआ है, जो पहले से ही गूगल के अन्य AI वीडियो टूल्स में इस्तेमाल हो रहा है।
Photo to Video टूल Google Photos के Create टैब में दिया गया है, जहां यह Create with AI, Remix, Collage, Highlight video, Cinematic photo, Animation और Me Meme जैसे दूसरे क्रिएटिव टूल्स के साथ दिखता है। इस तरह Google Photos सिर्फ़ फोटो स्टोरेज ऐप नहीं रह गया, बल्कि एक फुल‑फ्लेडेड AI‑पावर्ड क्रिएशन प्लेटफॉर्म बनता जा रहा है। यह फीचर Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है, हालांकि रोलआउट सर्वर‑साइड कंट्रोल के तहत हो रहा है, इसलिए सभी यूज़र्स को एक ही दिन में अपडेट नहीं दिख सकता।
सभी यूज़र्स को रोज़ाना लिमिटेड संख्या में Photo to Video जनरेशन की सुविधा मिलती है, जबकि AI Pro और AI Ultra सब्सक्राइबर्स को ज़्यादा जनरेशन लिमिट दी जा रही है। इसका मतलब है कि पेड प्लान वाले यूज़र ज़्यादा बार प्रॉम्प्ट ट्राई कर सकते हैं और अपनी फोटोज़ को अलग‑अलग स्टाइल में टेस्ट कर सकते हैं। भारत समेत कई देशों के यूज़र्स के लिए यह फीचर हिंदी, तमिल, मराठी, तेलुगु, बंगाली, गुजराती और अंग्रेज़ी जैसी कई भाषाओं में सपोर्ट करता है, जिससे लोकल यूज़र्स के लिए इस्तेमाल करना आसान हो जाता है।
कंपनी का कहना है कि यह अपडेट Photo to Video को एक सिंपल एनिमेशन टूल से एक ज़्यादा एक्सप्रेसिव क्रिएटिव टूल में बदल रहा है। अब यूज़र सिर्फ़ यादों को एनिमेट करने तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सोशल मीडिया पोस्ट, रिल्स या स्टोरी के लिए तैयार‑टू‑शेयर शॉर्ट वीडियो बना सकेंगे। साथ ही, इस तरह की AI जनरेटेड कंटेंट पर गूगल ने SynthID जैसे डिजिटल वॉटरमार्किंग सिस्टम भी लगाए हुए हैं, ताकि यूज़र को पता चल सके कि कौन‑सा वीडियो AI द्वारा जनरेट किया गया है।
स्रोत: Google