Fiber‑based semiconductor chips: कपड़े, मेडिकल इम्प्लांट और wearables में नया रोल
इन नई fiber‑based चिप्स में प्रति सेंटीमीटर लगभग 1 लाख ट्रांजिस्टर तक फिट किए जा सकते हैं, जो वर्चुअली उसी घनत्व के करीब है जो आज की conventional very large‑scale integration (VLSI) चिप्स में देखा जाता है। यानी ये पतली फाइबर अलग‑अलग लंबाई में बढ़ाई जा सकती हैं, जिससे उनकी कंप्यूटिंग क्षमता भी बढ़ सकती है; एक मीटर लंबी फाइबर में मिलियन लेवल के ट्रांजिस्टर तक फिट हो सकते हैं, जो कुछ मेडिकल इम्प्लांट या छोटे‑स्केल CPU के स्तर की पावर दे सकते हैं।
फाइबर चिप्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये सिर्फ “फ्लैट सिलिकॉन वेफर” वाली ट्रेडिशनल चिप डिज़ाइन से आगे निकलकर पूरी तरह फ्लेक्सिबल और स्ट्रेचेबल हैं। इन फाइबर्स में प्रोसेसिंग, मेमोरी और सिग्नल हैंडलिंग के सर्किट एक ही इलास्टिक पॉलिमर फाइबर के अंदर इंटीग्रेट किए गए हैं, जिससे वे बिना टूटे लगभग 30% तक खिंच सकते हैं, 180 डिग्री प्रति सेंटीमीटर तक मरोड़े जा सकते हैं और कई बार मशीन‑वाश भी सहन कर सकते हैं। इसके अलावा, ये 100 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान और बहुत ज्यादा भार (कुछ टेस्ट में 15.6 टन के ट्रक के नीचे दबने जैसी स्थिति) में भी काम करने की क्षमता रखते हैं।
इस तकनीक को लेकर शोधकर्ताओं का कहना है कि ये फाइबर चिप्स अब तक के “फ्लैट, रिजिड सिलिकॉन चिप” की जगह नए फॉर्म फैक्टर्स को खोलेंगे। उदाहरण के तौर पर, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक टेक्सटाइल्स, स्मार्ट कपड़ों, वियरेबल हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस, ब्रेन‑कंप्यूटर इंटरफेस और इम्प्लांटेबल मेडिकल डिवाइस में इस्तेमाल किया जा सकता है, जहां नरम, लचीले और शरीर के साथ अच्छी तरह मिलने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स की जरूरत होती है। फाइबर चिप्स को डिजिटल और एनालॉग दोनों सिग्नल प्रोसेस करने की क्षमता है, साथ ही इमेज रिकग्निशन जैसे न्यूरल‑स्टाइल कंप्यूटिंग भी कर सकते हैं, जो छोटे‑स्केल AI वर्कलोड्स के लिए उपयोगी है।
इस ब्रेकथ्रू को जर्नल Nature में प्रकाशित किया गया है, जिसमें बताया गया है कि ये फाइबर चिप्स मौजूदा फोटोलिथोग्राफी लाइन्स के साथ कंपेटिबल हैं, यानी इन्हें बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए भी अपनाया जा सकता है। यह चीन के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम है, जहां देश ने ट्रेडिशनल सिलिकॉन‑बेस्ड सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के साथ‑साथ नए फॉर्म फैक्टर्स और फ्लेक्सिबल इलेक्ट्रॉनिक्स में भी रिसर्च और इनोवेशन तेजी से बढ़ाया है।
स्रोत: Digitimes, interesting engineering, longbridge