Chrome का Gemini Auto Browse: AI अब फ्लाइट बुकिंग, शॉपिंग और फॉर्म भरने जैसे काम करेगा
Auto Browse क्या करता है?
Auto Browse को Google ने “agentic experience” के रूप में पेश किया है, यानी यह सिर्फ जवाब देने वाला चैटबॉट नहीं, बल्कि वेब पर आपकी जगह काम करने वाला एक एजेंट है। यूज़र सिर्फ टास्क लिखता है – जैसे “मुझे अगले महीने के लिए फ्लाइट और होटल की सबसे सस्ती डील ढूंढो” या “मेरे लिए यह जैकेट दोबारा ऑर्डर करो और डिस्काउंट कोड लगाओ” – और Gemini Chrome में एक नया टैब खोलकर उसे पूरा करने की कोशिश करता है।
इस दौरान Auto Browse स्क्रॉल, क्लिक और टेक्स्ट इनपुट जैसे एक्शन खुद कर सकता है, लेकिन हर बड़े कदम पर यूज़र को नोटिफिकेशन या साइड पैनल में स्टेप‑बाय‑स्टेप अपडेट दिखता है। टैब पर एक विशेष कर्सर और स्पार्कल आइकन दिखता है, जो बताता है कि अभी AI ब्राउज़ कर रहा है। यूज़र चाहें तो किसी भी समय “Take over task” बटन दबाकर खुद कंट्रोल ले सकता है।
शॉपिंग, ट्रैवल और फॉर्म भरने जैसे टास्क
Google के मुताबिक, Auto Browse का इस्तेमाल यूज़र बहुत सारे मल्टी‑स्टेप टास्क के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर:
फ्लाइट, होटल या अपार्टमेंट की कई साइट्स पर कीमतें तुलना करना और सबसे अच्छा ऑप्शन चुनना।
ऑनलाइन शॉपिंग साइटों पर प्रोडक्ट ढूंढना, रिव्यू पढ़ना, डिस्काउंट कोड लगाना और कार्ट में आइटम जोड़ना।
रिपीट ऑर्डर करना, जब यूज़र बस एक पुरानी फोटो या लिंक देकर कहता है कि “इसी तरह का सामान दोबारा लाओ”।
ऑनलाइन फॉर्म भरना, अपॉइंटमेंट बुक करना, बिल की स्थिति चेक करना या सब्सक्रिप्शन मैनेज करना।
Gemini 3 की मल्टीमॉडल क्षमता की वजह से यूज़र एक इमेज भी अपलोड कर सकता है, जैसे किसी पार्टी की फोटो, और AI उसमें दिख रहे कपड़े या डेकोरेशन के समान आइटम ढूंढकर उन्हें ऑनलाइन स्टोर पर खोजकर कार्ट में जोड़ सकता है, बजट और डिस्काउंट कोड के साथ।
सुरक्षा और यूज़र कंट्रोल
Auto Browse को डिज़ाइन करते समय Google ने यह साफ किया है कि फाइनल एक्शन हमेशा यूज़र के हाथ में रहे। जैसे शॉपिंग के मामले में AI कार्ट तक ले जा सकता है, डिस्काउंट कोड लगा सकता है, लेकिन “Buy” या “Pay” बटन दबाना यूज़र को ही करना पड़ता है। इसी तरह, सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट करने के लिए भी AI टेक्स्ट और इमेज तैयार कर सकता है, लेकिन पोस्ट करने से पहले यूज़र को कंफर्म करना पड़ता है।
साथ ही, Auto Browse को Google Password Manager से जोड़ा जा सकता है, ताकि वह आपकी लॉगिन डिटेल्स और पेमेंट इनफॉर्मेशन को ऑटो‑फिल कर सके, लेकिन इसके लिए यूज़र को स्पष्ट रूप से परमिशन देनी पड़ती है। Chrome सेटिंग्स में एक अलग ऑप्शन “Let Gemini browse for you” मिलता है, जिसे बंद करने पर Auto Browse पूरी तरह निष्क्रिय हो जाता है।
Gemini 3 और Chrome का नया रोल
Auto Browse के साथ Google ने Chrome को सिर्फ ब्राउज़िंग टूल से आगे बढ़ाकर एक “AI‑पावर्ड वर्कस्पेस” बनाने की कोशिश की है। Gemini 3 की मदद से Chrome अब यूज़र के पास खुले टैब्स को समझ सकता है, कॉन्टेक्स्ट याद रख सकता है और गूगल ऐप्स (जैसे Gmail, Google Docs) के साथ गहरा इंटीग्रेशन दे सकता है। यूज़र किसी भी पेज पर Gemini साइड पैनल खोलकर उससे सारांश, तुलना या निष्कर्ष निकलवा सकता है, और जरूरत पड़ने पर Auto Browse को भी टास्क दे सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी Auto Browse ज़्यादातर Google AI Pro और Google AI Ultra जैसी योजनाओं वाले उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है, और यह फीचर धीरे‑धीरे अन्य क्षेत्रों और योजनाओं में भी फैलेगा। भारत जैसे बाज़ारों में यह फीचर अभी तक नहीं आया है, लेकिन इसे भविष्य में लॉन्च किए जाने की संभावना ज़्यादा है, खासकर जब लोगों की ऑनलाइन शॉपिंग, ट्रैवल और डिजिटल सर्विसेज की ज़रूरतें और बढ़ती हैं।
स्रोत: Wired, Google Blog